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Saturday, August 29, 2009

राग और ताल की महिमा

राग और ताल सुनने से बहुत सी बीमारियाँ दूर होती हैं :-
  • राग मारवा और राग भोपाली से आंतों की बीमारियाँ दूर होती हैं l
  • राग आसारी से मस्तक के रोग दूर होते हैं l
  • राग भैरवी से सिरदर्द ठीक होने लगता है l
  • राग सोहनी से सिरदर्द और मरुरज्जू (रीड़ की हड्डी में जो मनके घिस गए, वो ठीक होने लगते हैं l)
  • राग वसंत और राग सोरट से नपुंसकता दूर हो जाती है l

Ujjain 23rd Aug 09

Thursday, August 27, 2009

खाने का समय

सुबह ११ बजे से २ बजे तक जठरा तेज होती है, २ बजे से पहले खा लें l शाम को सूर्यास्त से पहले खा लें, नहीं तो जितनी देर से खायेंगे उतना मन्दाग्नि, गैस, बदहाजमा होगा l फिर भी रात ८ बजे तक खा लें l ८ के बाद खाना हो तो कम खाएं l रात ९ बजे के बाद केवल दूध पियें और ९.३० के बाद दूध भी कम कर दें l

Ujjan 22nd Aug. 2009

केन्सर में

१)सुबह मंजन करने के पहले बासी मुंह, १ तोला (१०-१२ मि. ग्रा.) देशी गाय का गौ मुर्त्र छान कर ले या ये न मिले तो गौझरण में १०-१२ मि.ग्रा पानी डाल के लें ....( आश्रम में मिलता है ).. थोड़े दिन में केन्सर की बीमारी मिट जायेगी l

२) २० ग्राम तुलसी का रस , ५० ग्राम ताजा दही के साथ कुछ दिन सुबह - शाम लेने से केन्सर में आराम होता है ।

Cure For Cancer

1) As soon as you wake up in the morning ,before brushing teeth have 1 tola (10-12 mg) urine of deshi holy cow (not the hybrid cow). This urine has to be filtered through a clean cloth before drinking or you can consume gaujharan ark (available at our ashram)but to this gaujharan ark add equal quantity of water as it is in concentrated form. Within a few days of following this procedure cancer will be cured permanently.
OR

2) 20 gm tulsi leaves extract ,50 gm fresh curds (homemade) .They should be sweet(no sugar to be added, naturally sweet) in taste not sour(try to ferment milk early morning so by mid-day its set perfectly).

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- पूज्यबापूजी 20 Mar, 2010 Indore

Wednesday, August 19, 2009

होंठ फटने पर

नाभि में सरसों के तेल की २-४ बूंदे डालें तथा जरा से मक्खन में नमक मिलाकर होंठों पर लगायें इससे लाभ होता है l
Risi Prasad, Dec. 2008

मधुमेह में

बेल के ९ पत्ते व २ काली मिर्च पानी के साथ पीस लें उसमे शक्कर डाले बिना घोल बनाएं और " ॐ सूर्याय नमः " मंत्र जपते हुए शरबत के रूप में पियें l इससे मधुमेह में लाभ होता है l

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Risi Prasad, Dec. 2008

कदवृद्धि

जिन बच्चों का कद नहीं बदता वे पुलअप्स का अभ्यास करें और बेल के ६ पते व २-४ काली मिर्च हनुमानजी का स्मरण करते हुए चबाकर खाएं उसमे पानी डाल के पीसकर भी खा सकते हैं l
Risi Prasad, Dec. 2008

वायुशमन

घी में भुने हुए ५-७ काजू, काली मिर्च व सेंधा नमक डालकर " ॐ वज्रहस्ताभ्यां नमः " मंत्र का जप करते हुए खाने से वायु का शमन होता है |
To reduce Gas related problems:-
Roast 5-7 cashew nuts in ghee,add little black pepper powder, little rock salt & chant " Om Vajrahastabhyam Namah" & while eating. This will reduce gas related disturbances in the body.

Rishi Prasad, Dec. 2008

बलवृद्धि

सुबह शहद के साथ ५-७ काजू " ह्रीं रामाय नमः " मंत्र जपते हुए खाने से शारीरिक व मानसिक बल बढता है
Risi Prasad, Dec. 2008

दिमागी पुष्टि

२ अखरोट की गिरी को मिश्री के साथ पीसकर दूध में मिला दें इसे " ॐ श्री सरस्वत्यै नमः " मंत्र जपते हुए पियें इससे मस्तिष्क को बल मिलता है l

Risi Prasad, Dec. 2008

Tuesday, August 18, 2009

ह्रदय रोग की सरल व अनुभूत चिकित्सा

  • १ कटोरी लौकी के रस में पुदीने व तुलसी के ७-८ पत्तों का रस, २-४ काली मिर्च का चूर्ण व १ चुटकी सेंधा नमक मिलाकर पियें l इससे ह्रदय को बल मिलता है और पेट की गड़बडियां भी दूर हो जाती हैं l
  • नींबू का रस, लहसुन का रस, अदरक का रस व सेवफल का सिरका समभाग मिलाकर धीमी आंच पर उबालें l एक चौथाई शेष रहने पर नीचे उतारकर ठंडा कर लें l तीन गुना शहद मिलाकर कांच की शीशी में भरकर रखें l प्रतिदिन सुबह खाली पेट २ चम्मच लें l इससे Blockage खुलने में मदद मिलेगी l
  • अगर सेवफल का सिरका न मिले तो पान का रस, लहसुन का रस, अदरक का रस व शहद प्रत्येक १-१ चम्मच मिलाकर लें l इससे भी रक्तवाहिनियाँ साफ़ हो जाती हैं l लहसुन गरम पड़ता हो तो रात को खट्टी छाछ में भिगोकर रखें l
  • उड़द का आटा, मक्खन, अरंडी का तेल व शुद्ध गूगल संभाग मिलाके रगड़कर मिश्रण बना लें l सुबह स्नान के बाद ह्रदय स्थान पर इसका लेप करें l २ घंटे बाद गरम पानी से धो दें l इससे रक्तवाहिनियों में रक्त का संचारण सुचारू रूप से होने लगता है l
  • १ ग्राम दालचीनी चूर्ण एक कटोरी दूध में उबालकर पियें l दालचीनी गरम पड़ती हो तो १ ग्राम यष्टिमधु चूर्ण मिला दें l इससे कोलेस्ट्रोल के अतिरिक्त मात्रा घट जाती है l
  • भोजन में लहसुन, किशमिश, पुदीना व हरा धनिया की चटनी लें l आवलें का चूर्ण, रस, चटनी, मुरब्बा आदि किसी भी रूप में नियमित सेवन करें l
  • औषधि कल्पों में स्वर्ण मालती , जवाहरमोहरा पिष्टि, साबरशृंग भस्म, अर्जुन छाल का चूर्ण, दशमूल क्वाथ आदि हृदय रोगों का निर्मूलन करने में सक्षम है l

Rishi Prasad, August 2009

गौ माता की महिमा

गाय से शरीर से जो सात्विक उर्जा निकलती है, उस घर या इलाके में गाय होने से बहुत साड़ी अशुभ चीजें दूर हो जाती हैं l गाय के शरीर में सुर्यकेतु नाड़ी होती है, जो सूर्य किरणों को पीती है, इसलिए गाये के गोबर व मूत्र में भी सात्विक पॉवर होता है l मरते समय भी गाय के गोबर का लीपन करके व्यक्ति को सुलाया जाता है l
  • कैसी भी जहरी दवाएं खायी हो, गौमूत्र थोड़े दिन पिये, Blockage खुल जायेगा और जहरी दवाओं का असर उतर जायेगा l
  • बच्चों को गाय की पूंछ का झाड़ा देने से ऊपर की आई हुई हवा या कुप्रभाव नाश होता है l
  • जिसको रात को ठीक से नींद न आती हो, वो मोर के पंख रख दे, सिरहाने के नीचे और "हरि ॐ" का गुंजन करे , नींद आने लगेगी l
  • जिसको बुरे स्वप्न आते हों वो बुरे स्वप्न न आयें इसका आग्रह छोड़ दें l पैरों को गाय का घी मल दें और सिर में थोड़ा हलकी मालिश कर दें किसी भी तेल की l
  • गाए के दूध से बनी दही शरीर पर रगड़कर स्नान करने से स्वास्थ्य, प्रसन्नता और दरिद्रता दूर हो जाती है l
  • चावल पानी में पका लें फिर गाय के दूध में डालकर खीर बना लें, ज्यादा मीठा और मेवा न डालें और फिर "ॐ" का १२० माला जप करें l ७ सप्ताह तक करें तो ७ जनम की दरिद्रता दूर हो जाती है और ७ जनम तक कुटुंब में दरिद्रता नहीं आती l
  • जिस रोग के लिए डॉक्टर ने मना कर दिया हो की ये रोग ठीक नहीं हो सकता, वो व्यक्ति घर में गाय पालें और चारा-पानी खुद खिलाये और स्नेह करें l गाय की प्रसन्नता उसके रोमकूपों से प्रकट होगी और आप अपने हाथ गाय की पीठ पर घुमाएंगे तो आपके हाथों की उँगलियों द्वारा वो प्रसन्नता, रोग प्रतिकारक शक्ति बढाएगी l २-४ महीने तक ऐसा करें l
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  • काली गाय का घी बुढापे में भी जवानी ले आता है l हार्ट अटैक की तकलीफ है और चिकनाहट खाने की मनाही है तो गाए का घी खाएं, हार्ट मज़बूत बनता है l

1st Aug’09, Mohali

किडनी व पेशाब की प्रॉब्लम में

६० साल के बाद पेशाब की तकलीफ होती है । पेशाब धीरे-धीरे आता है और पेशाब नली दब जाती है । प्रोटेस्ट ग्रंथि बड़ जाती है । पुनर्नवा का रस पीने से पेशाब खुल कर आएगा, किडनी नयी बन जाएगी । पुनर्नवा की सब्जी खाने से किडनी बढ़िया रहती है व पेशाब की प्रॉब्लम दूर होती है l
1st Aug’09, Mohali

किसानो के लिए

अपना खेत हो तो खेत में पश्चिम की तरफ पीपल का पेड़ लगा दो, पितर लोग राजी होंगे व सुख शांति होगी l खेत में कुआँ पूर्व-उत्तर के कोने में हो l पश्चिम और दक्षिण की तरफ अपना निवास हो खेत में बरकत आएगी l

10th Aug’09, Pratap Garh

Thursday, August 13, 2009

तुलसी के बीज

तुलसी के बीज एक चुटकी रात को भिगा दो और सुबह को ले लो l सारी बीमारियाँ दूर रहती हैं और बुदापे की कमजोरी भी नहीं रहती l दोपहर के भोजन के बाद जो पान खाते हों, वो पान में एक चुटकी तुलसी के बीज डालकर खाओ , बुढापा जल्दी नहीं आएगा |

31st July’09, Chandigarh

Tuesday, August 11, 2009

खुजली में

खुजली में खुजलाना नहीं वरन शतघृत लगाना चाहिए | काँसे की थाली में घी और थोड़ा पानी डालकर १०० बार रगड़ो, ये शतघृत बन गया | खुजली पित्त व खून की खराबी के कारण होती है| खून की सफाई के लिए :-
  • खाली पेट टमाटर या खीर खाएं |
  • दो नींबू पानी में निचोड़ कर पियें |
  • त्रिफला फाँकें |
4th Aug’09, Noida
video

नेत्रज्योति बढ़ाने के लिए

२ से ५ ग्राम त्रिफला, घी और मिश्री चाटने से भी नेत्रज्योति बढ़ती है |
5th Aug’09, Noida

स्मृति शक्ति प्रयोग

आप पढें लिखें, जो भी कुछ याद करना हो गीत - भजन तो पहले देख लो, फिर थोड़ा गुनगुनाओ, फिर जीभ तालू में लगाकर उसको save कर लो | बस १० बार की मेहनत १ बार में काम हो जायेगा | बार रटने से जो काम होता है वो १-२ बार जीभ तालू में लगाकर मन में सुमिरन कर लो याद रह जायेगा| Marks अच्छे आयेंगे | स्मृति नाड़ी जगाना है तो जीभ तालू में लगाकर, पहली उंगली, अंगूठे के नीचे और तीन उंगलियाँ सीधी और लम्बा श्वास लेकर ५-१० मिनट "हरि ॐ" जप करें | बाद में जीभ तालू में लगाकर श्वासोश्वास की साधना करें, तो बहुत सारी छुपी योग्यताएँ विकसित होंगी |
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MP3 Link: http://hariomgroup.net/hariomaudio/tips/smriti-shakti-prayog.mp3

-VCD- Sant Kripa se Kaam badla Ram me

घबराहट में

अगर कोई बात सुनकर घबराहट हो तो ..घर में या कही कोई हट-पट हो तो ...कोई खूब डांटता हो तो जीभ तालू में लगाकर गुरुमंत्र जपें फिर आप भूमध्य में भगवन का ध्यान कर के थोड़ी सी भी बात करो गे ..तो किसी की ऐसी -तैसी ... मरोरथ फलेगा इससे High B.P. and Low B.P. में भी मदद मिलती है
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7th Jun'09, Udaipur

नाड़ी ब्लोकेज व हार्ट प्रॉब्लम में

दोनों हाथ की हथेलिओं को रगड़ते हुए "ॐ" जपें और छाती पर रखें | गोमूत्र ५० मिलीग्राम दो कपड़े में छानकर पियें | -५ दिन में आराम होगा |
Kathmandu 24th Jun'09

किडनी की प्रॉब्लम व पेशाब की गड़बडी में

मकई के बाल ५० ग्राम, २ लीटर पानी में मसल दो | धीमी आंच पे उस पानी को उबालो | १ लीटर होने पर छानकर, पीने लायक होने पर पियें | २-५ दिन में आराम हो जायेगा |

Kathmandu 24th Jun'09

सभी प्रकार की बीमारियों में

  • असाध्य रोगों में सुश्रुत भगवान् (आयुर्वेद ग्रन्थ रचयिता) ने प्राणायाम करके इस मंत्र का जप करने का बताया है :- "अच्युताय गोविन्दाय, अनंताय नाम भेषजाम नश्यन्ति सर्व रोगाणी, सत्यं सत्यं वदाम्यहम l"
  • सुबह सूर्य नारायण के सामने सिर को अच्छी तरह ढककर 7-8 मिनट पेट की तरफ और 8-10 मिनट धूप पीछे की तरफ लगे ऐसे बैठे, उसी में लम्बे श्वास लें और वज्रासन में बैठकर श्वास अंदर-बाहर (पेट अंदर ज्यादा और बाहर कम) करें l
  • सुश्रुत भगवान ने, जिन्होंने आयुर्वेद का ग्रन्थ बनाया उन्होंने लिखा हमारी औषधि, शल्यक्रिया सब जब व्यर्थ हुए तो एक महा-औषधि है-भगवन्नाम का आश्रय, उस से रोग मिटते हैं | वह मंत्र और जपने की विधि इस प्रकार है - श्वास अन्दर लें और मन में बोले: "नासे रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमंत बीरा" और श्वास छोड़ दें | अब श्वास बाहर रोके और जपे "नासे रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमंत बीरा "| श्वास अन्दर रोककर एक-सवा मिनट तक जप करें और श्वास छोड़ दें | फिर श्वास बाहर रोक कर ५० सेकंद तक जप करें | ऐसा २-३ बार करें | कितनी भी बीमारी हो, खीचकर जठर में आ जायेगी | डॉक्टर बोलते हैं ठीक नहीं होगा वह भी ठीक होने लगेगा |

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Delhi Guru Punam 07-06-09

कमज़ोर बच्चों के लिए

कमज़ोर बच्चों को गाय के थन से सीधे ही धार बच्चे के मुंह में डालें | प्रतिदिन दो - चार धार बच्चे के मुंह में डालने से बच्चे का स्वास्थ्य धीरे-धीरे ठीक होने लगेगा |

Rishi Prasad - May 1998