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Saturday, January 26, 2013

मनोवांछित फल प्राप्ति योग

शिव पुराण में लिखा है माघ मास की चतुर्थी .... कृष्ण पक्ष की ..... उस दिन शिव पूजन करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है ।

Way to achieve desired wishes

In Shiv Purana, it has been mentioned that on Chaturthi (fourth lunar day) of Krishna Paksha (waning period of moon), offering prayers to Lord Shiva helps achieve any desired wishes.

This Year -30th Jan' 2013
- श्रीसुरेशानंदजी Ludhiana 24/11/2011

Friday, January 25, 2013

माघ स्नान (27 Jan to 25 Feb' 2013) :–

माघ स्नान व्रत २७ जनवरी से २५ फरवरी २०१३ तक लोग कर सकते है | मत्स्य पुराण में माघ स्नान की महिमा हैं |

Bathing in Magh Month
The bathing vow for Magh month runs between 27 January to 25 February 2013. This practice has been extolled in Matsya Purana.

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- Pujya Bapuji Allahabad 17th Jan' 2013

Thursday, January 24, 2013

'मात्रृ–पितृ पूजन दिवस’ ज्योतिष की दृष्टि से

अपने माता पिता का आदर करते  और वेलेंटाईन डे का कचरा दिमाग में न रखे .....कि ये लोग मानते है तो हम भी मनाये... नही !! अपने माता पिता का पूजन करें.... बापूजी ने सहज में ऐसी सुन्दर सीख दी ।  हर साल 14 फरवरी को वेलेंटाईन डे मनाते है न ....मूर्ख लोग.... पर
14 फरवरी के दिन अधिकांशतः सूर्य भगवान कुम्भ राशी पे होतें है । बिलकुल कोई पंडित इसको नकार नही सकता, लगभग अधिकांश 14 फरवरी को सूर्य भगवान कुम्भ राशी पे होतें है और कुम्भ राशी के स्वामी कौन है ? शनि देव । कुम्भ राशी के स्वामी शनि, शनि देव सूर्य भगवान के बेटे है । तो वो अपने पिता का खूब आदर करते और पिता की परिक्रमा करते है । तो जो 14 फरवरी के दिन वेलेंटाईन डे मनाते है न उनपे सूर्य भगवान और शनि देव दोनों नाराज़ होतें है भयंकर और 14 फरवरी के दिन बापूजी के कहे अनुसार जो माता पिता का पूजन करते है उनपे सूर्य भगवान और शनि देव दोनों खुश होते है.... क्यूंकि उस दिन शनि देवता भी सूर्य भगवान की पूजा करते है और सूर्य भगवान की परिक्रमा करते है ।

Parents Worship Day from an astrological perspective
Do not imbibe the wasteful notion of valentine's Day and learn to respect your parents.... Dont get fooled into the idea that we should also celebrate as other do.... No!!! Offer respect to your parents../ Bapuji has given us this learning with such ease. Dont be fooled into celebrating valentine's Day.

On this 14 February, most of the Sun shall reside in Aquarius constellation. No learned astrologer can deny that. The master of Aquarius constellation is Lord Shani. Lord Shani is the son of Sun Lord. As a dutiful son, Shani lord duly respects and revolves around the Sun. So, those who celebrates valentine's day, both lord Shani and Sun are indignant with them. All those who celebrate 14 February as per directions of Bapuji and offers prostrations and prayers to their parents, Sun lord and Shani offer their blessings on them... as even Lord Shani also offers prayers to Sun Lord and revolves around him.
 

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- Shri Sureshanandji Surat 26th Dec' 2012

दमा में :

आधा ग्राम दालचीनी का चूर्ण शहद या गुड के साथ दिन में १ या २ बार लें | लगातार ३ महीने तक लेने से लाभ होता है |

For bronchial asthma: 

Take cinnamon powder 500 mg with honey or jaggery once or twice a day. Consistent intake for three months will bring in good benefits.
-  Rishiprasad January 2013



अच्छी नींद लाने तथा खर्राटे बंद करने के लिए :

रात को गाय का घी हलका–सा गरम करके १ से ४ बुंद दोनों नथुनों में डाले |

For inducting sound sleep and stopping snores :

 Instill 1 to 4 drops of lukewarm cow milk ghee in both the nostrils before going to sleep.

- Rishiprasad January 2013

पौष्टिक व बल-बुद्धिवर्धक तिल

तिल बलप्रदायक, बुद्धि व वीर्यवर्धक, जठराग्नि–प्रदीपक, वातशामक व कफ-पित्त प्रकोपक है | काले, सफेद और लाल तिलों में काले तिल श्रेष्ठ है | १०० ग्राम तिलों में १४५० मि.ग्रा. इतनी प्रचंड मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है | जिससे ये अस्थि, संधि (जोड़ों), केश व दाँतों को मजबूत बनाते है |

आयुर्वेद के अनुसार सभी तेलों में तिल का तेल श्रेष्ठ है, यह उत्तम वायुशामक है | अपनी स्निग्धता, तरलता और उष्णता के कारण शरीर के सूक्ष्म स्रोतों में प्रवेश कर यग दोषों को जड से उखाड़ने तथा शरीर के सभी अव्यवों को दृढ़ व मुलायम रखने का कार्य करता है | टूटी हुई हड्डियों व स्नायुओं को जोड़ने में मदद करता है | कृश शरीर में मेद बढाता है व स्थूल शरीर से मेद घटाता है | तिल के तेल की मालिश करके सुर्यस्नान करने से त्वचा मुलायम व चमकदार होती है, त्वचा में ढीलापन, झुरियाँ तथा अकाल वार्धक्य नहीं आता |

तिल के औषोधीय प्रयोग :-

रसायन–प्रयोग : अष्टांग संग्रहकर श्री वाग्भट्टाचार्यजी के अनुसार १५ से २५ ग्राम काले तिल सुबह चबा-चबाकर खाने व ऊपर से शीतल जल पिने से सम्पूर्ण शरीर–विशेषत: हड्डियाँ, दांत, संधियाँ व बाल मजबूत बनते है |

बलवर्धक प्रयोग : सफेद तिल भिगोकर, पीसकर, छानके उसका दूध बना ले | ५० से १०० ग्राम इस दूध में २५ से ५० ग्राम पुराना गुड मिलाकर नियमित लेने व १२ सूर्यनमस्कार करने से शरीर बलवान होता है |

तिल सेंककर गुड व घी मिला के लड्डू बना लें | एक लड्डू सुबह चबाकर खाने से मस्तिष्क व शरीर की दुर्बलता दूर होती है |

एक-एक चम्मच तिल व घी गर्म पानी के साथ रोज दो या तीन बार खाने से पुराने आँव, कब्ज व बवासीर में रहत मिलती है |

तिल – सेवन की मात्रा : १० से २५ ग्राम

विशेष जानकारी : तिल की ऊपरी सतह पर पाया जानेवाला ‘आँक्जेलिक एसिड’ कैल्सियम के अवशोषण में बाधा उत्पन्न करता है | इसलिए तिलों को पानी में भिगोकर, हाथों से मसल के ऊपरी आवरण उतार के उपयोंग करना आधिक लाभदायी है |

सावधानियाँ : * उष्ण प्रकृति के व्यक्ति, गर्भिणी स्त्रियाँ तील का सेवन अल्प मात्रा में करें | अधिक मासिक–स्राव व पित्त-विकारों में तिल नहीं खाये |

· तिल, तिल के पदार्थ तथा तेल का उपयोग रात को नहीं करना चाहिये |

· तिल के तेल का अधिक सेवन नेत्रों के लिए हानिकारक है |


Nutritious sesame seeds giving strength to the body and the intellect
Sesame seeds offer strength to the body and intellect. They promote semen, stimulate digestion, pacify Vata, and aggravate pitta and Kapha. Out of the three varieties of sesame seeds-black, white and red-black are the best. They are a rich source of calcium. 100 grams of sesame seeds contain 1450 mg calcium. That is why sesame seeds strengthen the bones, joints, hair and teeth.

According to Ayurveda, sesame seeds oil is the best of all edible oil. It is an excellent Vata pacifier. Being fluid oleaginous and hot in effect, it easily enters the minute srotas (the bodily channels or meridians) and roots out doshas (disorders) and makes all organs of the body strong and supply. It helps in union of fractured bones and repair of muscles. Massage with sesame seed oil followed by sunbath makes the skin soft and glowing. It saves the skin from loosening out, wrinkles and prevents premature onset of old age.

Medicinal uses of sesame seeds:


· As a tonic : According to Shri Vagbhattacharya, the author of Ashtaang Sangrah, eating of 15 to 25 grams sesame seeds with good mastication in the morning nourishes the body, particularly bones, teeth, joints and hair.

· For bodily strength: Soak white sesame seeds in water, grind and strain it to get milk separated from it. Drinking 50 to 100 grams of this mixed with 25 to 50 grams of jiggery regularly everyday and doing physical exercise known as Surya Namaskaras (salutation to the Sun) twelve times makes the body strong.

· Fry sesame seeds in ghee and mix them with gur. Make the mixture into laddoos (balls). Eating one laddoo everyday with good mastication cures physical debility and cerebral weakness.

· Taking one teaspoonful each of sesame seeds and ghee with warm water two-three times everyday gives relief from constipation, piles and discharge of white glutinous matter from the bowels.

Recommended quantity of sesame seeds is 10 to 25 grams.

Note : The outer surface of sesame seed contains oxalic acid which interferes with the body’s ability to absorb calcium. Therefore sesame seeds should be soaked in water and denuded of the upper skin by rubbing with hands for better results.

Precautions:
* Those with Pitta body type, and pregnant women should take sesame seeds sparingly. It should not be consumed in cases of excessive menstruation and Pitta disorders.
* Sesame seeds and its preparations should not be taken at night.
* Excessive use of sesame seeds oil is harmful to the eyes.

- Rishiprasad January 2013

Tuesday, January 22, 2013

Jan से April 2013 की जप तिथि

·२५  जनवरी चतुर्दशी को आर्द्रा नक्षत्र योग है | सुबह ७ बजे से दोपहर १२.३३ तक और ॐकार का जप, गुरुमंत्र का जप इन दिनों में बहुत फलदायी है |

· २७ जनवरी रवि पुष्यामृत योग है | ये भी मंत्र सिद्धि देनेवाला है | सूर्योदय से लेकर शाम ४.३० बजे तक |

· १२ फरवरी विष्णुपदी संक्रांति है, पुण्यकाल है दोपहर को १२ बजे से सूर्यास्त तक और १७ फरवरी रविवार की सप्तमी है सूर्योदय से लेकर दोपहर १२.४८ तक |

· ३ मार्च को रविवार की सप्तमी है शाम को ६.१९ से लेकर दुसरे दिन सूर्योदय तक |

· १० मार्च को महाशिवरात्रि, शिवपूजन रात्रि को १२.२४ से लेकर १.१३ तक महापुण्यकाल है|

· ११ मार्च को द्वापरयुग आदि तिथि का सोमवती अमावस्या है सूर्योदय से लेकर रात्रि १.२३ मिनट तक |

· १४ मार्च षड्सिद्धि संक्रांती पुण्यकाल शाम ४.३० से लेकर सुर्योस्त तक |

· २० मार्च बुधवार की अष्टमी सूर्योदय से दोपहर १२.१२ तक |

· २६ मार्च होली पूर्णिमा

· ३ अप्रैल बुधवार की अष्टमी सूर्योदय से लेकर रात्री को १.०८ तक |

· ११ अप्रैल गुढीपाडवा (वर्ष के साडेतीन मुहर्त में एक मुहर्त है ) पर्व शुभ मुहर्त में से एक चैत्री नवरात्र ११ अप्रैल से लेकर २० अप्रैल तक उन दिनों में नीम खाना जरूरी है ये चैत्रमास में, नीम के कोमल पत्ते और कम नमक वाला भोजन |

Special Japa occasions from January to April 2013

25 January - Ardhanakshatra Chaturdashi. Morning 7am to afternoon 12.33pm. Reciting AUM syllable, Guru-mantra is highly beneficial on these days.

27 January - Ravi Pushyamrit Yog. Leads to accomplishment of mantra. Morning till evening 4.30pm.

12 February - Vishnupadi Sankranti. Auspicious time begins from afternoon 12pm till sunset.

17 February - Ravivari Saptami. Sunrise till afternoon 12.48pm

3 March - Ravivari Saptami. Evening 6.19pm till next day sunrise

10 March - Mahashivratri. Prayers to Lord Shiva to be offered during auspicious time of 12.24 to 1.13 am at midnight.

11 March - Dwaparyuga Adi Tithi, Somavati Amavasya. Sunrise to night 1.23.

14 March - ShadSiddhi Sankranti Punyakaal. Evening 4.30pm till sunset.

20 March - Budhwari Ashtami. Sunrise till afternoon 12.12pm

26 March - Holi Purnima

3 Arpil - Budhwari Ashtami. Sunrise till night 9.08pm.

11 April - Gudi Padwa (One of the three and half supremely auspicious moments of a year). During the auspicious time period between 11 April to 20 April, one must consume Margosa (Neem). During Chaitra month, take soft, tender margosa leaves and add minimal salt in meals.

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- Pujya Bapuji 13th Jan' 2013 Ahmedabad

चतुर्दशी-आर्द्रा नक्षत्र योग

२५ जनवरी' २०१३  को चतुर्दशी को आर्द्रा नक्षत्र योग है | सुबह ७ बजे से दोपहर १२.३३ तक | ॐकार का जप ..... गुरुमंत्र का जप इन दिनों में बहुत फलदायी है |

Ardhanakshatra Chaturdashi

25 January' 2013 - Ardhanakshatra Chaturdashi. Morning 7am to afternoon 12.33pm. Reciting AUM syllable, Guru-mantra is highly beneficial on these days.

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- Pujya Bapuji Ahemdabad 13th Jan' 2013

Sunday, January 20, 2013

राशि मंत्र –

हमारी जो राशि होती है..,उस हर राशि का अलग मंत्र होता है | उस मंत्र की एक माला करो | मंत्र इस प्रकार है  –

मेष राशि मंत्र       – ॐ ह्रीं श्री लक्ष्मीनारायणाय नम:
वृषभ राशि मंत्र      - ॐ गोपालाय उत्तरध्वजाय नम:
मिथुन राशि मंत्र     - ॐ क्लीं कृष्णाय नम:
कर्क राशि मंत्र       - ॐ हिरण्यगर्भाय अव्यक्तरुपिणे नम:
सिंह राशि मंत्र       - ॐ क्लीं ब्राम्हण जगतआधाराय नम:
कन्या राशि मंत्र     - ॐ नमो श्री पीताम्बराय नम:
तुला राशि मंत्र       - ॐ तत्व निरंजनाय नम:
वृश्चिक राशि मंत्र    - ॐ नारायणाय सुरसिंघाय नम:
धनु राशि मंत्र       - ॐ श्री देवकृष्णाय उर्ध्वदंताय नम:
मकर राशि मंत्र      - ॐ वात्सल्याय नम:
कुंभराशि मंत्र       - ॐ श्री उपेन्द्राय अच्युताय नम:
मीन राशि मंत्र       - ॐ क्लीं उद्धृताय उद्धारिणे नम:

जिनको तकलीफ है या जीवन में समस्या ज्यादा आती है, कष्ट ज्यादा आते है वे अपने इष्ट का, गुरुदेव का स्मरण करते हुये ये कर सकते है | इनसे सुख-शांति की वृद्धि होती है और जितनी श्रद्धा-आस्था से करते हो उतना लाभ होता है ।

Mantras as per zodiac

There are different mantras for each zodiac... Recite one mala for these mantras as applicable. The mantras are as follows:

Zodiac Mantra
Aries :-  AUM HREEM SHRI LAKSHMINARAYANAYAY NAMAH
Taurus:-  AUM GOPALAY UTTARDHWAJAAYE NAMAH
Gemimi:-  AUM KLEEM KRISHNAAYA NAMAH
Cancer:-  AUM HIRANYAGARBHAAYA AVYAKTAROOPINE NAMAH
Leo :- AUM KLEEM BRAHMAN JAGATAADHARAYE NAMAH
Virgo :- AUM NAMO SHRI PEETAMBARAYAY NAMAH
Libra :- AUM TATVA NIRANJANAYA NAMAH
Scorpio:- AUM NARAYANAAYA SURSINGHAYA NAMAH
Saggitarius :- AUM SHRI DEVKRISHNAAYA URDHVADANTAAYA NAMAH
Capricorn :- AUM VATSALYAAYA NAMAH
Aquarius ;-  AUM SHRI UPENDAAYA ACHYUTAAYA NAMAH
Pisces :- AUM KLEEM UDHTYAAYE UDDHARINYE NAMAH

In event of any overbearing hardships in life, all can benefit from these mantras. Those with significant troubles should pray to their Istha (presiding) God and recite these mantra in remembrance of Gurudev. This shall bring forth happiness and prosperity. Benefits of this practice will increase depending on the level of devotion.

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- Shri Sureshanandji

मासिक शिवरात्रि को शिवजी के १७ मंत्र –

हर मासिक शिवरात्रि को सूर्यास्‍त के समय अपने घर में बैठकर अपने गुरुदेव का स्मरण करके
शिवजी का स्मरण करते करते ये 17 मंत्र बोलें । ‘जो शिव है वो गुरु है, जो गुरु है वो शिव है’
इसलिये गुरुदेव का स्मरण करते है । जिसकी गुरुदेव में दृढ़ भक्ति है वो गुरुदेव का स्मरण करते-करते मंत्र बोले |
आस-पास शिवजी का मंदिर तो जिनके सिर पर कर्जा ज्यादा हो वो शिवमंदिर जाकर दिया जलाकर ये १७ मंत्र बोले –

१) ॐ शिवाय नम:
२) ॐ सर्वात्मने नम:
३) ॐ त्रिनेत्राय नम:
४) ॐ हराय नम:
५) ॐ इन्द्र्मुखाय नम:
६) ॐ श्रीकंठाय नम:
७) ॐ सद्योजाताय नम:
८) ॐ वामदेवाय नम:
९) ॐ अघोरह्र्द्याय नम:
१०) ॐ तत्पुरुषाय नम:
११) ॐ ईशानाय नम:
१२) ॐ अनंतधर्माय नम:
१३) ॐ ज्ञानभूताय नम:
१४) ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम:
१५) ॐ प्रधानाय नम:
१६) ॐ व्योमात्मने नम:
१७) ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम:


उक्‍त मंत्र बोलकर अपने इष्ट को, गुरु को प्रणाम करके यह शिव गायत्री मंत्र बोलें– ॐ तत्पुरुषाय विद्महे | महादेवाय धीमहि, तन्नो रूद्र प्रचोदयात् ||
जिनके सिर पर कर्जा है वो शिवजी को प्रणाम करते हुये ये १७ मंत्र बोले कि मेरे सिर से ये भार उतर जाये |
मैं निर्भार जीवन जी सकूं, भक्ति में आगे बढ़ सकूं| केवल समस्या को याद न करता रहूँ |

Mantras for monthly Shivratri

Recite the following mantras at home on every monthly Shivratri in remembrance of Gurudev during sunset. Recite these 17 mantras in remembrance of Lord Shiva. 'One who is Shiva is Guru, One who is Guru is Shiva'. Those who have astute devotion in Gurudev should perform this in his remembrance. If you are burdened with loans, then you should recite these mantras after lighting a lamp in any nearby Shiva temple.

The 17 names are as follows:

1. AUM SHIVAYA NAMAH
2. AUM SARVATMANE NAMAH
3. AUM TRINETRAAYA NAMAH
4. AUM HARAAYA NAMAH
5. AUM INDRAMUKHAAYA NAMAH
6. AUM SHRIKANTHAAYA NAMAH
7. AUM SATYOJAATAYA NAMAH
8. AUM VAAMDEVAYA NAMAH
9. AUM AGHORHRIDAYA NAMAH
10. AUM TATPURURSHAAYA NAMAH
11. AUM ISHANAYA NAMAH
12. AUM ANTARDHAAMAYA NAMAH
13. AUM JYAANABHUTAAYA NAMAH
14. AUM ANANTAVAIRAGYASINGHAAYA NAMAH
15. AUM PRADHAANAYA NAMAH
16. AUM VYOMATMANE NAMAH
17. AUM YUKTAKESHATMARUPAAYA NAMAH


So, those who have numerous troubles in life, they can receive strength to fight them by also reciting the Shiv Gayatri Mantra - AUM TATPURUSHAAYA VIDMAHE | MAHADEVAYA DHIMAHI, TANNO RUDRA PRACHODAYAAT ||

One who recites these 17 mantras after prostration to Lord Shiva is relieved of the burden of debts. Also, pray that may I become free of worries, fearless and progress steadily in your devotion. May I never be engrossed in thoughts of life's troubles.
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- Shri Sureshanandji

मौच और दर्द से आराम पाने –

पथरी चट औषधि से (आश्रम में उपलब्ध) पथरी तो ठीक होती ही हैऔर मोच आ गई हो तो भी ठीक हो जाती है और घुटनों के दर्द में भी फायदा होता है | 

For relief from sprains and pains

Pathari Chat medicine (available at Ashram) is capable of curing kidney stones and is also very effective in relieving sprains and pain in the knees.

-Pujya Bapuji Surat 26th Dec' 2012


विश्रांति योग का एक तरीका –

ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ चुप हो गये.. वही भीतर चले और शांत हो रहे ॐ स्वरूप ईश्वर| ये भी अपने आप में स्वतंत्र साधन.. विश्रांति योग देने में सक्षम साधन | ॐ ॐ ॐ चुप हो गये और ह्रदय में चले २–४ बार फिर चुप हो जाये | ॐ ॐ ॐ ह्रदय में भी चला| जितनी देर बाहरी उच्चारण किया, उससे थोडा-सा ज्यादा समय में भीतर उच्चारण और उतना समय भीतर शांत हो गये | न कपि चिंतयेत | ये सारी शिक्षाओं से भी ऊँची शिक्षा है | सारे आपाधापी से कर्मों से बहुत ऊँचा कर्म है | 

Yoga of relaxation

AUM ... AUM.. AUM.. AUM... maintain silence ... recite the same sound internally and absolve yourself in AUM, the syllable that reverberates peace. This is an independent practice on its own capable of providing the best relaxation. AUM ... AUM.. AUM.. AUM... maintain silence, let AUM recite in your heart for 2-4 times. Recite AUM ... AUM.. AUM.. AUM... in your heart as well. Recite in your heart slightly longer than the time you recite it verbally. For an equal time, sit in silence. This knowledge is superior than any ulterior learning outside. It is much more beneficial than engaging in effervescent worldly activities.


- Pujya Bapuji Ahemdabad 18th Nov' 2012

पानी पीने का तरीका

जो खड़े-खड़े पानी पीते है... पैरों के पिंडियो में पीड़ा होगी| बुढ़ापे में तौबा करा देगी | जो खड़े-खड़े नाचते-नाचते कोल्ड्रिंक पीते है, कोका पीते है.. अभी नव युवावों –युवतियों को देखकर मुझे दया आती है | इन बिचारों को पता नहीं निर्दोष मन के है जैसा कुसंग.. ऐसा कुरंग| जैसा सुसंग.. ऐसा सुरंग |

Method of drinking water

All those who drink water while standing...will later develop pain in their knees. It will become unbearable in old age. Those who take cold drink while standing - dancing, drink coke ... My heart feels really sorry for them. These innocent adolescents are not aware of this and are fooled into such practices through wrong company... one's character takes shape of the company he/she is in.

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- Pujya Bapuji Vadodara 25th Nov' 2012

आँवला चटनी –

आँवले इतवार के दिन नहीं खाने चाहिये | इतवार के दिन खरीद सकते हो लेकिन खाना नहीं |
 १ किलो आँवला अथवा २ किलो आँवला धोकर कुकर में डाल दो| एक चम्मच पानी डाल दो| आधी सिटी बजे ना बजे उतार दो | सिजने के बाद आँवले की गुठलियाँ निकाल दो| उसको हिला-डुला के, कुचल के मावा बन जायेगा | जितना आँवला उतनी शक्कर (२ किलो आँवला है तो २ किलो अथवा पौने दो किलो शक्कर डाल दो)
चार किलो हो गया मिश्रण | २ किलो रख दो अलग से, बाकि २ किलो आँवला में हल्दी, मिर्च, हींग, धनियाँ, जीरे की छोंक, लसून की छोंक लगाके चटनी बना दो | भोजन के पहीले बड़े भी खाओ और बच्चों को भी खिला दो | बच्चे भी तीव्र, तगड़े हो जायेंगे | चटनी खाये पहले खाना पच जाये बाद में भोजन खाये ये बच्चे | बाकि का २ किलो रखा है उसको.. १० ग्राम आँवले का मावा को ग्लास में डाल दो| अगर चाय की गंदी आदत है तो गुनगुना पानी डाल कर उसको घोल बनाके चाय का मजा.. पिलाओ बडो और बच्चे को | अगर शरबत पीने का शोक है तो ठंडा पानी डाल के पियो | अगर स्वपन दोष या पानी पड़ने की बीमारी या गाल बैठे हैं बच्चे-बच्चियाँ तो उसमे १ ग्राम मावा डाल दो, फिर १ ग्राम हल्दी चम्मच के पीछे का डंडी भर के डाल दो| पानी पड़ने की बीमारी दूर हो जायेगी, स्वपन दोष की बीमारी दूर हो जायेगी, आँखों की जलन दूर हो जायेगी, चेहरे पर पड़े हुये फोड़े-फुंसी वो ठीक हो जायेगे और पीलापन है, हिमोग्लोबिन कम है तो लाली आ जायेगी |

Amla marmalade
One must never consume amla on sundays. You may buy them on sunday but never eat them.

Recipe: Put 1 - 2 kg of thoroughly washed amla in a pressure cooker. Put a spoon of water in it. Once it has half whistled, take it off stove. After cooling it, remove the seeds from the amlas. Then mash them to form a large paste of amla. Then, add an equal quantity of sugar to it (i.e. 2 kg sugar for 2 kg amla).

Then, for 4 kg of mixture. Separate out two kilos. Then, add turmeric, chilli, asafoetida, coriander, fried cumin, fried garlic to two kg of amla and prepare a marmalade. You can then have this before meals and also offer this to children. This will make children strong and robust. Having this before meals aids in digestion. For the other two kilos, put 10 grams of this mixture in a glass of water. If someone has a bad habit of taking tea, then just enjoy this with warm water. Both adults and children can have it. One can also enjoy is as sherbet with cold water. One who is troubled with wet dreams or bed wetting should have it with 1 gram mawa,one gram of turmeric using just the back of spoon. Wet dreams, ill-dreams, burning of eyes, acne-pimples on face or paleness, weakness in hemoglobin will get cured and bring forth a red glow back on your face.
 

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- Pujya Bapuji Vadodara 25th Nov' 2012

Friday, January 18, 2013

बीज मंत्र

ॐ कार मंत्र जैसे दूसरे २० मंत्र और हैं | उनको बोलते हैं बीज मंत्र | उसका अर्थ खोजो तो समझ में नही आएगा लेकिन अंदर की शक्तियों को विकसित कर देते हैं | सब बिज मंत्रो का अपना-अपना प्रभाव होता है | जैसे ॐ कार बीज मंत्र है ऐसे २० दूसरे भी हैं | 
बं ये शिवजी की पूजा में बीज मंत्र लगता है | ये बं बं.... अर्थ को जो तुम बं बं.....जो शिवजी की पूजा में करते हैं | लेकिन बं.... उच्चारण करने से वायु प्रकोप दूर हो जाता है | गठिया ठीक हो जाता है | शिव रात्रि के दिन सवा लाख जप करो बं..... शब्द, गैस ट्रबल कैसी भी हो भाग जाती है | बीज मंत्र है |
ऐसे ही साधको को  एक बिज मंत्र देते हैं| 
खं.... हार्ट-टैक कभी नही होता है | हाई बी.पी., लो बी.पी. कभी नही होता | ५० माला जप करें, तो लीवर ठीक हो जाता है | १०० माला जप करें तो शनि देवता के ग्रह का प्रभाव चला जाता है | खं शब्द |
ऐसे ही ब्रह्म परमात्मा का कं शब्द है | ब्रह्म वाचक | तो ब्रह्म परमात्मा के ३ विशेष मंत्र हैं | ॐ, खं और कं |
ऐसे ही रामजी के आगे भी एक बीज मंत्र लग जाता है | रीं रामाय नम: || 
कृष्ण जी के मंत्र के आगे बीज मंत्र लग जाता है | क्लीं कृष्णाय नम: ||
तो जैसे एक-एक के आगे, एक-एक के साथ मिंडी लगा दो तो १० गुना हो गया | ऐसे ही आरोग्य में भी ॐ  हुं विष्णवे नम: | तो हुं बिज मंत्र है | ॐ बिज मंत्र है | विष्णवे..., तो विष्णु भगवान का सुमिरन | ये आरोग्य के मंत्र हैं | तो बिज मंत्र जिसमें जितने |
एक मैं मंत्र देता हूँ, जो एकदम सीरियस है, केस ठीक नही है, डॉक्टरों को समझ में नही आ रहा, तबियत ठीक नही है, फलाना है, धिन्गना है, एकदम विशेष जो रोगग्रस्त अथवा समस्या से, तकलीफ से ग्रस्त है | उनको मैं मंत्र देता हूँ | उसको मैंने ऐसे ही विनोद में नाम रख दिया यमराज का मोबाईल नम्बर है, तो उसमें ४ बिज मंत्र हैं | 
तो बीज मंत्रो की साधना अथवा बीज मंत्रो का प्रभाव उसी सच्चिदानंद परमात्मा से आता है | 
ये जो देवता लोग आशीर्वाद देते हैं अथवा जिनका आशीर्वाद पड़ता है, उनके जीवन में बीज मंत्रो का भी प्रभाव पड़ता है |

Beej(Seed) mantras

There are 20 more mantras like AUM-kar mantra. These are known as seed mantras. You can never understand the meaning of these mantras but these mantras are effective in awakening the inner powers. Every seed mantra has its own special impact. Just like AUM mantra, there are 20 other mantras.

BAM - This mantra is effective during prayers for Lord Shiva. It is same as the BAM .. BAM ... that is recited during invocations to Lord Shiva. Chanting BAM ... can alleviate gas related ailments. Arthritis can be cured. On the night of Shivratri, reciting it one and quarter lakh times... can alleviate even the worst of gas troubles. There is another seed mantra which is also offered to all aspirants.

KHAM - This mantra ensures that heart attack can never occur. One is never troubled with high or low blood pressure. If one can recite 50 malas, then liver can be permanently cured. If one can recite 100 malas, then ill influence of Lord Shani will disappear forever from your life. i.e. using KHAM syllable.

There is another similar syllable for Brahma Supreme soul, KAM, also called as Brahma vaachak. So, Lord Brahma has three special mantras: AUM, KHAM and KAM.

Similarly, there is a mantra which is affixed in front of Lord Rama's mantra. REEM RAMAAYA NAMAH ||

Similarly, there is a mantra which is affixed in front of Lord Krishna's mantra. KLEEM KRISHNAAYA NAMAH ||

Just as adding a zero in front of ones increases its value ten times. Such is a similar mantra , AUM HOOM VISHNAVE NAMAH | HOOM is the seed mantra. AUM is a seed mantra. VISHNAVE is recollection of Lord's name. So, this mantra is beneficial in improving health as it has a number of seed mantras.

I also offer a mantra for those serious cases,where doctors are not able to diagnose the situation, health is degrading gradually. You are troubled with humdrum ailments, always sick or in pain. Funnily, I have also renamed this as the mobile number of Yama Raaj, this mantra has four seed mantras.

So, the effect of seed mantras or their powers all come from that supreme soul.
Also, when Gods grant boons or people receive blessings from others, all these are accomplished by the power of seed mantras only.
- Pujya Bapuji Surat 26th Dec' 2012

रसायन

आवले का रस.., वो तो रसायन है | आवले का रस १० ग्राम, १० ग्राम मिश्री, १० ग्राम घी, सुबह-सुबह नाश्ते में ले खाली पेट | आये हाय! मजबूत !!

Amla Rasayan :-

Amla extract ... it is actually a rasayan, a herbal extract. If you regularly take 10 grams of amla extract, 10 grams of rock sugar, 10 grams of ghee in the morning on an empty stomach, then there is no doubt you will gain a strong and sturdy physique.

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- Pujya Bapuji Surat 26th Dec' 2012


पिसा आटा

ये जो तैयार चक्कियों का आटा ले आते हो, बासी और ८ दिन के बाद तो एक्सपायर्ड(expired) होने लगता है | 
आज पिसा.. ८ दिन में खत्म होना चाहिए | चक्की में ना जाने कब पिसा, होलसेलर के पास कब आया?  
रिटेल वाले के पास कब आया ? एकदम पतला आटा आंतों को चिपका दे | लेकिन ये जो रस है, एलोविरा का रस, 
आँवले का रस ये आंतों को साफ कर देता है |

Ready-made Ground flour

The ready-made flour which is easily available in the market, is usually stale and reaches its expiry just after 8 days of grinding.

So if a flour is ground, it must be consumed within 8 days. In packed flour, there is no guarantee of when the grains were cleared from wholesaler and when it was ground out?
When was that flour passed on to the retailer? Finely ground flour can stick to the inner linings of bowels. But using aloe vera juice or amla juice, the bowels can be cleaned out.
- Pujya Bapuji Surat 26th Dec' 2012

ममरी बादाम प्रयोग

ममरी बादाम की औषध खा ले तो आये हाय! कहना ही क्या | मेरा चश्मा था, ये ममरी बादाम की औषध खाई | 
ममरी बादाम की औषध पता है , ७ दिन तक ममरी बादाम को मिश्री और घी से मिलाकर अनाज में दबाके रखना पड़ता है  |और अपन वो जो बनवाते हैं ना.. तो शरद पूनम की रात को शरद पूनम की किरणे भी भरवा देते हैं | 
तो १० ग्राम ममरी बादाम खूब चबा-चबा के खाए कितना भी दिमाग की कमजोर हो, नाडी कमजोर हों, दौर्बल्य हो, सुमिरन.. पुरे शरीर का नाडी जाल पुष्ट हो जाता है | 

Use of Mamri Badam

If one can start using Mamri Badam, then the benefits are innumerable! I had to wear specs, then I took this mamri badam medicine.
Mamri badam medicine is prepared by keeping almonds mixed with rock sugar and ghee pressed under weight using other cereals for seven days.
That mixture which is finally obtained also gets enriched with rays of moon light on the night of Sharad Purnima.
So, chew properly 10 grams of Mamri Badam daily. Irrespective of the level of weakness of the brain, intellect, neurons, memory or body, the whole network of neurons in the body gets energised.

Note: Available at Ashram Stalls.


- Pujya Bapuji Surat 26th Dec' 2012

गोपाष्टमी और अक्षय नवमी

गोपाष्टमी को जप-ध्यान, गायों की सेवा का महत्व है |....  बुधवार की अष्टमी के दिन |
और अक्षय नवमी है | इन दिनों में किया हुआ जप-ध्यान मंत्र सिद्धि का विशेष लाभ देने वाला होता है |

Gopasthami and Akshay Navami :-

Performing japa-meditation and serving cows on Gopasthami has been highly extolled.... It is same as Budhwar asthami.

and on Akshay Navami, performing japa and meditation offers special support in accomplishment of mantras.


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- Pujya Bapuji

दिमाग कमजोर या पागलपन हो तो

दिमाग कमजोर है  अथवा अकेले में मानसिक कल्पनाओ से पागलपन का अंश आ गया है  अथवा आलस्य है, चिडचिडा स्वभाव है | ये सब मस्तिष्क.., दिमाग की कमजोरी है  तो ऐसे लोगो को क्या करना चाहिए?
              पहली ऊँगली अंगूठे के साथ यूँ मिला दें | ३ ऊँगली सीधी और शवासन में सीधा सो जाये | जीभ थोड़ी बाहर रखे तो बड़े-बड़े इंजेक्शन और दिमाग के जानकर.., स्पेशलिस्ट.. उनसे इतना लाभ नही होगा, जितना ये ज्ञान मुद्रा से हो जायेगा |
 चिडचिडापं कंट्रोल | दिमागी.., थोडा पागलपन की शुरुवात हो तो वो कंट्रोल | आलस्य कंट्रोल.., क्रोध कंट्रोल | सुमिरन शक्ति की कमजोरी कंट्रोल और एकाग्रता बढ़ेगी, चंचलता नियंत्रित हो जायेगी | स्नायु में शक्ति बढ़ेगी | लेकिन इसके साथ ममरी बदाम की औषध खा ले तो आये-हाय! कहना ही क्या ||

Cure for mental illness and lunacy

Some people suffer from a weak intellect, get entangled in vague mental imaginations in isolation bordering towards lunacy or are devoured by laziness or have a cranky behaviour. All these can be attributed to weak mental health. What can people do in such cases?

Join the index finger and thumb keeping the remaining fingers straight. Lie down flat in savasan. Keep your tongue slightly outwards, then you will be spared of the need for even the best injections ,.... specialists and you will benefit much more than any of them.

Crankiness will get controlled. If there is initial mental illness, that will also get regulated. It can control laziness and anger. It also aids memory and improves concentration. It helps regulate frickle mindedness. It imparts strength to neurons. But if someone can also take Mamri Badam along with this practice, then Oh ho! benefits of that are innumerable.

- Pujya Bapuji Surat 26th Dec' 2012

आरोग्य मंत्र

ॐ हूं विष्णवे नम: |


और

ॐ हंसं हंसः |

ये आरोग्य का मंत्र है |

Mantra for health

AUM HOOM VISHNAVE NAMAH

and

AUM HANSAM HANSAH

These are two health mantras.

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- Pujya Bapuji Surat 26th Dec' 2012

Tuesday, January 15, 2013

उत्तरायण / सूर्य मंत्र

 सूर्य मंत्र है ..

 ॐ ध्रीं सूर्य आदित्येम् ।

इसका जप करें । वो ब्रह्मवेत्ता महाव्याधि और भय, दरिद्रता और पाप  से मुक्त हो जाता है ।
सूर्य देव का मूल मंत्र है --

ॐ ह्रां ह्रीं सः सूर्याय नमः ।

ये पद्म पुराण में आता है ....
सूर्य नमस्कार करने से ओज, तेज और बुद्धि की बढोत्तरी होती है |

ॐ सूर्याय नमः ।
ॐ रवये नमः ।
ॐ भानवे  नमः ।
ॐ  खगाय नमः ।
ॐ अर्काय नमः ।
आदि

सूर्य नमस्कार करने से आदमी ओजस्वी, तेजस्वी और बलवान बनता है इसमें प्राणायाम भी हो जाते हैं ।

Uttarayan / Surya Mantra

Surya Mantra is as follows:

AUM DHRIEM SURYA AADYITYEM |

Oh Sun Lord! You are the Brahmavetta who frees us of our ailments and fear, poverty and sins.
The core surya mantra is as follows:

AUM HRAAM HREEM SAH SURYAAY NAMAH |

This has been mentioned in Padma Purana....
Doing Surya Namaskar everyday improves fertility, vigour and intellect.

AUM SURYAAY NAMAH |
AUM RAVAYE NAMAH |
AUM BHANAVE NAMAH |
AUM KHAGAAYA NAMAH |
AUM ARKAAYA NAMAH |


Doing Surya namaskar also offers the benefit of doing pranayam at the same time. 

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- Pujya Bapuji Ahemdabad 12th Jan' 2013

Tuesday, January 8, 2013

बाल कटवाने के नियम

>> पूर्व वा उत्तर की ओर मुँह करके हजामत बनवानी चाहिए | इससे आयु की वृद्धि होती है | हजामत बनवाकर बिना नहाये रहना आयु का नाश करनेवाला है |
(महाभारत:अनुशासन पर्व:१०८.१२८.१३९)

>> अपने कल्याण के इच्छुक व्यक्ती को बुधवार व शुक्रवार के अतिरिक्त अन्य दिनों में बाल नहीं कटवाने चाहिए |
>>सोमवार को बाल कटवाने से शिवभक्ति की हानि होती है | पुत्रवान को इस दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए | मंगलवार को बाल कटवाना मृत्यु का कारण भी हो सकता है | बुधवार को बाल, नख काटने- कटवाने से धन की प्राप्ति होती है | गुरुवार को बाल कटवाने से लक्ष्मी और मान की हानि होती है | शुक्रवार लाभ और यश की प्राप्ति करानेवाला है | शनिवार मृत्यु का कारण हो सकता है | रविवार तो सूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर कराने से धन, बुद्धि और धर्मं की क्षति होती है |
(श्री उड़िया बाबाजी के उपदेश से )

>>हाथ-पैर के नाख़ून नियमित रूप से काटते रहे | नख बढ़े हुए न रखे |

Rules for cutting hair

One must sit in the saloon only facing either towards east or north. This improves longevity. Also, not taking a bath after cutting hair is detrimental to your longevity.
(Mahabharat: Episode :108.128.139)

One who is concerned about his well being, should cut his hair only on Wednesdays or Fridays.
Cutting hair on Mondays harms your devotion towards Lord Shiva. One who has a son should never cut hair on this day. Cutting hair on Tuesdays can become one of the causes of your death. Cutting hair and nails on Wednesdays increases wealth in life. Cutting hair on Thursdays harms both wealth and reputation. On Fridays, it offers gains and glory. Cutting hair on Saturdays can also become a cause of your death. In the end, Sunday is a day of Lord Sun. Visiting the barber on this day harms all three, wealth, intelligence and religion.
(From Shri Udiya Baba's discourses)

One must cut nails of hand and feet regularly. One should not keep long nails.


- Rishi Prasad Dec' 2012

रोमकूप खोलने के लिए –

कई बार चेहरा स्वच्छ-सुंदर बनाने हेतु भाप ली जाती है | यदि पानी में तुलसी के पत्तों का रस अथवा नींबू का रस डालकर भाप लें तो चेहरे के रोमकूप खुल जायेंगे और चेहरा स्वच्छ व सुंदर हो जायेगा |

To open up skin pores
Sometimes to open up pores on your face, one should use steam therapy. If you can add a few leaves of Basil or drops of lemon to the water, then skin pores on your face will open up. Your face will present a cleansed and glowing look.


- Rishi Prasad Dec' 2012

दूध बंद करने के लिए –

बच्चों को दूध पिलानेवाली माताएँ बच्चा खाना खाने लगे तब दूध बंद करने के लिए दवाइयाँ खाती है पर अगर वे चिकनी दूब (दूर्वा) का रस ४-५ चम्मच दिन में ३ बार लें तो कुछ दिनों में दूध अपने-आप बंद हो जायेगा |

To stop formation of breast milk

If children of breast feeding mothers start consuming solid foods, then such mothers start taking medicines to stop the milk formation. But if she takes 3-5 spoons of extracts of shiny grass (Durva) three times daily, then milk will automatically stop forming.
- Rishi Prasad Dec' 2012

ताजगी के लिए –

नहाने के पानी में अगर थोडा नींबू का रस डाले तो त्वचा मुलायम हो जाती है | इस प्रयोग से दिनभर ताजगी भी महसूस होगी |

For Freshness

If you add a little lemon juice in bathing water, then your skin will become soft. Also, this application will keep you fresh all day long.

- Rishi Prasad Dec' 2012

हिचकी आती हो तो –

आँवले का रस पिप्पली या शहद के साथ लेने से हिचकी में फायदा होता है |

Get rid of Hiccups

Taking amla juice with peepli or honey helps alleviate hiccups.

- Rishi Prasad Dec' 2012

पेशाब में जलन होती हो तो –

कपड़े को गिला करके नाभि पर रखे तो पेशाब में और पेशाब की जगह होनेवाली जलन शीघ्र ही कम हो जायेगी |

Burning sensation in urine
Take a wet piece of cloth and place it on your navel. Then, it will quickly provide relief during urination and from the burning sensation in the urinal areas.

- Rishi Prasad Dec' 2012

हाथ-पैरों में जलन होता है तो -

गिलोय सत्व मिश्री के साथ लेने पर फायदा होता है |

Burning sensation on hands and feet

Taking 'giloya satwa' (an ayurvedic medicine) along with rock sugar can provide relief from this.

- Rishi Prasad Dec' 2012

जीभ सफेद व भूख मंद हो तो –

आधा चम्मच तुलसी के पत्तों का रस शहद ले साथ दिन में २ बार लेने से लाभ होता है |

White tongue and loss of appetite

Twice daily, taking half a spoon of Basil leaves extract along with honey will offer relief from this.

- Rishi Prasad Dec' 2012

शीतकाल में तक्रपान अमृत समान


शीतकाले ग्निमान्धे च कफवातामयेषु च |
अरुचौ स्रोतसां रोधे तक्रं स्यादमृतोमम |


‘शीतकाल में और अग्निमांध्य, कफ-वातजन्य रोग, अरुचि व नाड़ियों के अवरोध में तक्र (छाछ) का सेवन सेवन अमृत की तरह गुणकारी है |’

गाय के तक्र में विद्यमान आठ गुण :

क्षुधावर्धक, नेत्ररोगनाशक, बलकारक, रक्त-मांसवर्धक, कफ-वातशामक, आम (कच्चा आहार रस) नाशक |

तक्र-निर्माण : गाय के ढही में समभाग जल मिला के मथनी से खूब मथकर तक्र बनाये |

तक्र के प्रयोग :

- हींग, जीरा व सेंधा नमक मिलाया हुआ तक्र वायुशामक, दस्त, संग्रहणी व बवासीर में लाभदायी है |

- सोंठ व काली मिर्च मिलाया हुआ तक्र कफशामक तथा मिश्रीयुक्त तक्र पित्तशामक है |

- पेशाब की रुकावट में तक्र में पुराना गुड़ मिलाकर पीना हितकर है |

- राई, मिर्च व सेंधा नमक से छौंक लगाया हुआ तक्र जुकाम व खाँसी में गुणकारी है |

- सर्दियों में भोजन के साथ ताजे मीठे दही का सेवन भी रूचि, बल, मांस व रक्त वर्धक तथा मंगलकारक है |

Takra (Chaas) - Ambrosia for winter :-

SHEETKAALE GNIMAAGHNE CHA KAPHAVATAMAYESHU CHA |
AARUCHAU SHTOTRASAAM ROODHO TAKRAM SYAADAMYUTOMAMA ||


In winter and in times of weak digestion, cough or Vatta related ailments, distaste or blockage of nerves, benefits of drinking Takra (Chaas) are equivalent to drinking ambrosia.

Eight key benefits in Cow's takra:

Increases appetite, eye sight problems, enhances strength, blood and muscles, dilates cough and vatta, alleviates aam (raw excess from undigested food).

Takra preparation: Mixing equal proportions of water and cow's curd thoroughly forms Takra.

Uses of Takra:

- Asafoetida, cumin and rock salt when added to it, helps alleviate wind, diarrhea, piles and colitis.

- Dry ginger and black pepper when mixed with it alleviates cough and adding rock sugar helps alleviate bile.

- For people suffering from inhibited urinal problems, adding old jaggery is very beneficial.

- With brown mustard seeds, chiili and rock salt, it helps overcome cold and fever.

- Taking fresh, sweet curd with meals in winter also helps improve appetite, increase strength, muscles and blood and leads to benediction.

- Rishi Prasad Dec' 2012

रोग व पापनाशक पंचगव्य –

पंचगव्य शरीर के साथ मन व बुद्धि को भी शुद्ध, सबल व पवित्र बनाता है | शरीर में संचित हुए रोगकारक तत्वों का उच्चाटन कर सम्भावित गम्भीर रोगों से रक्षा करने की क्षमता इसमें निहित है | इसमें शरीर के लिए आवश्यक जीवनसत्व (विटामिन्स), खनिज तत्व, प्रोटीन्स, वसा व ऊर्जा प्रचुर मात्रा में पायी जाती है | गर्भिणी माताएँ, बालक, युवक व वृद्ध सभी के लिए यह उत्तम स्वास्थ, पुष्टि व शक्ति का सरल स्त्रोत है |

निर्माण व सेवन-विधि : १ भाग गोघृत, १ भाग गोदुग्ध, १ भाग गोवर का रस, २ भाग गाय का दही व ५ भाग छाना हुआ गोमूत्र, सब मिलाकर २५–३० मि.ली. प्रात: खाली पेट धीरे-धीरे पियें | बाद में २ – ३ घंटे तक कुछ न लें | तीन बार इस मंत्र का उच्चारण करने के बाद पंचगव्य पान करें |

यत् त्वगस्थिगतं पापं देहे तिष्ठति मामके |
प्राशनात् पंचगव्यस्य दहत्वग्निरिवेन्धनम् ||


अर्थात त्वचा, मज्जा, मेधा, रक्त और हड्डियों तक जो पाप (दोष, रोग) मुझमें प्रविष्ट हो गये है, वे सब मेरे इस पंचगव्य-प्राशन से वैसे ही नष्ट हो जाये, जैसे प्रज्वलित अग्नि में सुखी लकड़ी डालने पर भस्म हो जाती है | (महाभारत)

Alleviates ailments and dries away sins

Panchagavya, along with body, also purifies mind and intellect. It kills all disease generating elements accumulating in the body and thereby protects us from very dangerous diseases. It has all the essential vitamins, minerals, proteins and enough proportions of energy. Pregnant women, children, adolescents and aged, all can benefit from this supreme drink which improves health and, invigorates and strengthens the body.

Preparation procedure: 1 unit cow ghee, 1 unit cow milk, 1 unit of cow dung extract, 2 units of cow's curd and 5 units of sieved cow's urine, all mixed together for Panchagavya. Take 25-30 ml slowly on an empty stomach in the morning. Donot take any meals for 2-3 hours after that. Recite the mantra three times before drinking it.

YAT TWAGASTHIGATAM PAAPAM DEHE TISHTHATI MAMAKE |
PRASHAANAAT PANCHAGAVYASHCHA DAHATWAGNIRIVENDHANAM ||


This means:
All ills and sins which have entered in skin, marrow, intelligence, blood and bones, may they all get destroyed with my drinking of of this Panchagavya drink similar to how a dry log of wood burns out in blazing fire. (Mahabharat)


- Rishi Prasad Dec '2012

सर्दियों में ख़ास गोमूत्र पान -

शरीर की पुष्टि के साथ शुद्धि भी आवश्यक है | गोमूत्र शरीर के सूक्ष्म-अतिसूक्ष्म स्त्रोतों में स्थित विकृत दोष व मल को मल–मुत्रादि के द्वारा बाहर निकाल देता है | इसमें स्थित कार्बोलिक एसिड कीटाणुओं व हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करता है | इससे रोगों का समूल उच्चाटन करने में सहायता मिलती है | गोमूत्र में निहित स्वर्णक्षार रसायन का कार्य करते है | अत: गोमूत्र के द्वारा शरीर की शुद्धि व पुष्टि दोनों कार्य पूर्ण होते है |

सेवन विधि : प्रात: २५ से ४० मि.ली. (बच्चों को १०–१५ मि.ली.) गोमूत्र कपडे से सात बार छानकर पियें | इसके बाद २–३ घंटे तक कुछ न लें | ताम्रवर्णी गाय अथवा बछड़ी का मूत्र सर्वोत्तम माना गया है |

विशेष : सुबह गोमूत्र में १०–१५ मि.ली. गिलोय का रस (अथवा २–३ ग्राम चूर्ण) मिलाकर पीना उत्कृष्ट रसायन है |

ताजा गोमूत्र न मिलने पर गोझरण अर्क का प्रयोग करें | १०–१२ मि.ली. (बच्चों को ५–१० मि.ली.) गोझरण अर्क में पानी मिलाकर लें | (गोझरण अर्क सभी संत श्री आशारामजी आश्रमों व समितियों के सेवाकेन्द्रों पर उपलब्ध है )

Special Cow urine for winter season

Along with enhancing body strength, it is also essential to purify the body. Cow's urine can purify impurities even in the minutest nerves and extracts them out through urine and stool. It has carbolic acid which can destroy bacteria and harmful organisms in these impurities. Cow's urine performs as a golden medicine. So, cow's urine strengthens and purifies the body.

Dosage: In the morning, take 25-40 ml (10-15 ml for children) of cow's urine and sieve it properly seven times using a cloth. After consuming it, do not take anything else for 2-3 hours. Urine from bronze colored cow or calf is considered to be most beneficial.

Special: In the morning, drinking cow's urine mixed with 10-15 ml of giloy extract or (2-3 grams of its powder) is considered as best medicine.

If one cannot avail fresh cow's urine, one may also use Gojharan ark. Take 10-12 ml (5-10 ml for children) of ark mixed in water.
(Gojharan ark is available in all Sant Shri Ashramji ashrams and seva centres of samitis)
- Rishi Prasad Dec' 2012

Thursday, January 3, 2013

मार्गशीर्ष मास की शुक्ल मास चतुर्दशी –

मस्त्यपुराण कहता है कि - मार्गशीर्ष मास शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि के दिन अगर कोई शिवजी का १७ नामों से पूजन करे या वो १७ मंत्र बोलकर उनको प्रणाम करे | जो शिव है वो गुरु है और जो गुरु है वो शिव है | अपने गुरुदेव का भी स्मरण करते करते करे, तो भी उन तक पहुँच जाता है | और ज्यादा किसको समस्या है वो विशेष रूप से, १७ नाम मस्त्यपुराण में बतायाँ है | उसी दिन खास महिमा है उसकी, मार्गशीर्ष मास की बारे में जानते होंगे, जो भगवत गीता पाठ करते है | तो भगवान ने गीता के १० वे अध्याय में कहाँ है – ‘मासा नाम मार्गशीर्षोंहम’ की जो मार्गशीर्ष मास में भगवान ने अपनी विभूति बताया और उसमे शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी |

१७ नाम इसप्रकार :-

१) ॐ शिवाय नम:
२) ॐ सर्वात्मने नम:
३) ॐ त्रिनेत्राय नम:
४) ॐ हराय नम:
५) ॐ इन्द्र्मुखाय नम:
६) ॐ श्रीकंठाय नम:
७) ॐ सत्योजाताय नम:
८) ॐ वामदेवाय नम:
९) ॐ अघोरहृदयाय नम:
१०) ॐ तत्पुरुषाय नम:
११) ॐ ईशानाय नम:
१२) ॐ अनंतधर्माय नम:
१३) ॐ ज्ञानभुताय नम:
१४) ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम:
१५) ॐ प्रधानाय नम:
१६) ॐ व्योमात्मने नम:
१७) ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम:


तो जिनको जीवन में कष्ट आदि है उनको दूर करने में मदद मिलती है | और दो नाम पार्वतीजी के बोलेंगे उसी दिन – ॐ पुष्ट्ये नम: , ॐ तुष्टये नम: माँ पार्वती को नमन करके ये दो मंत्र उस दिन बोले की मैं श्रद्धा और भक्ति से पुष्ट बनूँ क्योंकि पार्वतीजी ‘भवानी शंकरों वन्दे श्रद्धा विश्वास रुपिनों’ आप श्रद्धा की मूर्ति है माँ मै श्रद्धा से पुष्ट बनूँ मै गुरुदेव के प्रति विचार रूपी सात्विक श्रद्धा से पुष्ट बनूँ |

शिव गायत्री मंत्र – ॐ तत्पुरुषाय विद्महे | महादेवाय धीमहि, तन्नो रूद्र प्रचोदयात् ||

Fourteenth lunar day of Shukla paksha in Margshirsh month

It has been exclaimed in Matsya purana - On fourteenth lunar day (Chaturdashi) of Shukla paksha in Margshirsh month, if one should please Lord Shiva using the 17 names for the prayers and then offer prostrations. Lord Shiva is same as Gurudev and Gurudev is same as lord Shiva. one who immerses oneself in His thought eventually attains to Him. If someone has a number of troubles in life, these 17 names have been mentioned in Matsya Purana. This day has a special significance as the importance of Margshirsh month has been extolled even in Bhagwad Gita. In the 10th chapter of Bhagvad Gita, God has declared - 'Masa naam margshirsham' as the month of His glory.

The 17 names are as follows:

1. AUM SHIVAYA NAMAH
2. AUM SARVATMANE NAMAH
3. AUM TRINETRAAYA NAMAH
4. AUM HARAAYA NAMAH
5. AUM INDRAMUKHAAYA NAMAH
6. AUM SHRIKANTHAAYA NAMAH
7. AUM SATYOJAATAYA NAMAH
8. AUM VAAMDEVAYA NAMAH
9. AUM AGHORHRIDAYA NAMAH
10. AUM ISHANAAYA NAMAH
11. AUM ANANTADHARMAAYA NAMAH
12. AUM JYAANABHUTAAYA NAMAH
13. AUM ANANTAVAIRAGYASINGHAAYA NAMAH
14. AUM PRADHAANAYA NAMAH
15. AUM VYOMATMANE NAMAH
16. AUM YUKTAKESHATMARUPAAYA NAMAH


So, those who have numerous troubles in life, they receive strength to fight them. Also, recite two names of Mother Parvathi - AUM PUSHTAAYA NAMAH, AUM TUSHTAAYA NAMAH.Pray to her that may I be immersed in devotion and love for God. as Maa Parvatiji is 'BHAVANI SHANKARO VANDE SHRADDHA VISHWAAS RUPINO'. You are an embodiment of devotion. Similarly, may my sanctimonious devotion towards my Gurudev also augment steadily.

Shiv Gayatri Mantra - AUM TATPURUSHAAYA VIDMAHE | MAHADEVAYA DHIMAHI, TANNO RUDRA PRACHODAYAAT ||
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- Shri Sureshanandji Surat 24th Dec' 2012

आँखे सूखती हो तो –

आँखों का पानी सुख गया तो रात को अंजीर भिगो के रख देना, और सुबह को खा लेना | थोड़े दिनों में आँखों तकलीफ दूर हो जायेगी |

Treatment for dry eyes

If you are suffering from dry eyes, then soak some figs overnight and eat them in the next morning. Within a few days, dryness of eyes will disappear.


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- Pujya Bapuji Rajokari 10th Oct' 2012

Wednesday, January 2, 2013

भौमप्रदोष योग

चतुर्दशी और मंगलवार साथ में हो तो भौमप्रदोष योग कहा जाता है |
जिसके सिर पे कर्जा हो वे भौमप्रदोष के दिन नमक मिर्च बिना का भोजन करें और जप - तप अच्छी तरह से करें तो उन पर जल्दी दैवी शक्ति का वरदान मिलता है ...और कर्जे से मुक्त हो जाते हैं| उस दिन शाम के समय जप आदि विशेष रूप से करने से आदमी कर्जे से भार से जल्दी छुट जाता है |

Bhaum Pradosh Yog

If the fourteenth lunar day falls on a tuesday, it is referred as Bhaum Pradosh Yog.
One who is burdened with loans, he should take meals without salt on this day and perform daily japa and austerities properly. Then, by heavenly grace, you shall soon receive blessings to overcome your debts. Performing japa during the evening time on that day is specially beneficial towards alleviating your debt burdens.

Next Bhaum Pradosh Yog - 23rd April 2013, 7th May 2013, 17th Sept 2013

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भौमप्रदोष योग:- 10th Jan' 2013
 
श्री सुरेशानंदजी Surat 25th Dec ' 2012

मक्खियों से परेशान हो तो –

आप माला करें और मक्खियाँ परेशान कर रही हो, मक्खियाँ बहुत हो या बार-बार मुँह पर बैठ रही हो तो थोडा सा इत्र, सुंगधी लगा दो मक्खियाँ आयेगी नहीं |

Troubled by flies

If you are reciting on your mala and flies are disturbing you.. flying into your face , then spreading some attar or fragrance around will drive away the flies.
Listen Audio

- Shri Sureshanandji Surat 25th Dec' 2012

मास अनुसार सूर्य अर्घ्य मंत्र –

विष्णु धर्मोत्तर ग्रंथ में लिखा है कि इन मंत्रो से सूर्य को अर्घ्य देकर प्रणाम करने वाले की विप्पतियाँ दूर होने में उसको मदद मिलती है | और भक्ति बढ़ाना चाहे, मेरी भक्ति बढे, मेरी साधना के मार्ग जो विघ्न आ रहे वो दूर हो जाये और जैसा गुरुदेव चाहते है ऐसी मेरी साधना और भक्ति में ऊँची स्थिति हो | ये भाव भी कर सकते है | उनके आदेश का पालन करना ये उनकी सेवा है | इसीसे गुरु की प्रसन्नता, उत्साह साधक को प्राप्त होती है उस भक्त को प्राप्त होती है | तो आज से हम लोग शांत जब भी मौका मिले बैठकर अकिंचन भाव | शरीर पाँच भूतों का और गुरुदेव ने समझाया कि यह मैं नहीं हूँ और यहाँ मेरा कुछ नहीं है |

बारा महीनों के बारह मंत्र अलग-अलग होते है | सूर्य को जल तो देते है केवल ये मंत्र जोड़ देना है तो बाह्य जीवन की विप्पतियाँ दूर हो सकती है और साधना के मार्ग में आनेवाली विपत्तियाँ भी दूर हो सकती है क्योकि सूर्य भगवान स्वयं गुरुभक्त है । इन मंत्रों से अर्घ्य देकर प्रार्थना करना कि सूर्य भगवान आपकी अपने गुरु ब्रहस्पतिजी के प्रति भक्ति है ऐसी मेरी मेरे बापूजी के प्रति हो जाय | मेरी मेरे गुरुदेव के प्रति हो जाय | ऐसी मुझे सद्बुद्धि दो | बारह महीनों के बारह मंत्र सूर्य भगवान को जल देते समय बोलो –

मार्गशीर्ष मास का मंत्र - ॐ धाताय नम:

पौष मास का मंत्र – ॐ मित्राय नम:

माघ मास का मंत्र – ॐ अर्यमाय नम:

फाल्गुन मास का मंत्र – ॐ पुषाय नम:

चैत्र मास का मंत्र - ॐ शक्राय नम:

वैशाख मास का मंत्र – ॐ अन्शुमानाय नम:

ज्‍येष्ठ मास का मंत्र – ॐ वरुणाय नम:

आषाढ़ मास का मंत्र – ॐ भगाय नम:

श्रावण मास का मंत्र – ॐ त्वष्टाय नम:

भाद्रपद मास का मंत्र – ॐ विवश्वते नम:

आश्विन मास का मंत्र – ॐ सविताय नम:

कार्तिक मास का मंत्र – ॐ विष्णवे नम:

हे सूर्यदेव आपकी गुरु ब्रहस्पतिजी के चरणों में भक्ति ऐसी मेरी मेरे गुरुदेव के चरणों में हो | मुझे स्वप्ने में मेरे गुरुदेव में कोई दोष दर्शन ना हो | क्योंकि सूर्य भगवान जैसे आप में कभी अँधेरा नहीं हो सकता ऐसे मेरे गुरुदेव में कोई दोष नहीं हो सकता | जैसे चन्द्रमा में ताप नहीं हो सकता ऐसे मेरे गुरु में कोई दोष नहीं हो सकता | जैसे गंगाजल में मलिनता नहीं आ सकती ऐसे मेरे गुरुदेव में ह्रदय में दोष नहीं हो सकता |

Mantras for offering oblations to Sun Lord as per different month

It has been mentioned in Vishnu Dharmottar scriptures that one who offers oblations using these various mantras receives immense strength to overcoming adversities in life. If you want to increase devotion, then you can also pray for augmenting your devotion and help overcome any obstacles in the path of spiritual endeavors. May my spiritual practices be conducted exactly as Gurudev desires and help me achieve higher states in spiritual practice. Following his orders is also a service to him. It is only through these efforts, one receives the happiness of Gurudev. Let us all resolve to dissolve ourselves in the incorporeal thought every time we sit down in silence to meditate. The body is made of five elements and Gurudev has made us realise that we are not this and nothing in this world belongs to me.

Each of the twelve months have 12 mantras. When offering water to Sun lord, just use these mantras and all your obstacles in life and spiritual practices will start fading away as Sun is himself a devotee of Guru. Pray to Sun Lord that just as you have unbroken love towards Guru Brihaspatiji, similarly let my devotion grow as well. May my love for my Gurudev keep growing unanimously. May I always receive such pious inspirations. While offering oblations with water, recite these following mantras for each month -

Margshirsh month - AUM DHATAAYA NAMAH
Paus month - AUM MITRAAYA NAMAH
Maagh month - AUM ARYAMAAYA NAMAH
Phalgun month - AUM PUSHAAYA NAMAH
Chaitra month -AUM SHAKRAAYA NAMAH
Baisaakh month - AUM ANSHUMAANAYA NAMAH
Jyesth month - AUM VARUNAAYA NAMAH
Aashaad month - AUM BHAGAAYE NAMAH
Shravan month - AUM TWASHTAAYA NAMAH
Bhadrapad month - AUM VIVASHVATE NAMAH
Ashwin month - AUM SAVITAAYE NAMAH
Karthik month - AUM VISHNAVE NAMAH

Pray to Sun Lord that just as you have unbroken love towards Guru Brihaspatiji, similarly let my devotion grow as well. May my love for my Gurudev always keep growing. May I never even try to see any flaws in Gurudev because just as there can never be any darkness in Sun,there can never be any flaws in Gurudev. Just as moon can never impart any heat, there can never be any flaws in Gurudev. Just as water from river Ganga can never be impure, there can never be any flaws in Gurudev.


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- Shri Sureshanandji Surat 26th Dec' 2012

कोई भी ग्रह विपरीत हो तो –

नौ ग्रहों में से कोई भी ग्रह किसीको विपरीत हो या कष्टदायी हो रहा हो तो शिवजी की पूजा करने से सब शांत रहते है | सब ग्रहों के स्वामी है शिवजी |

If any of the planets are having an ominous impact
Out of Nava Graha, if any of the nine planets are imposing an adverse effect on you or causing pain, then offering prayers to Lord Shiva helps alleviate them. Lord Shiva is the master of all the ruling planets.
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- Shri Sureshanandji Surat 24th Dec' 2012

अर्थिंग से बचाना –

जप करने से जो ओरा बनती है, आध्यात्मिक बिजली बनती है वो अर्थिंग मिलने से धरती में चली जाती है | इसीलिए नंगे पैर भी नहीं घूमना चाहिये, घर में जोड़ा पहेन ले गरम अथवा जो प्लास्टिक की रबर की चप्पल रखे, । जप, ध्यान करें तो गरम आसन हो अथवा नीचे प्लास्टिक बिछाओ | कुल मिलाकर विद्युत् के कुचालक आसन पर बैठे |

Avoid earthing

The aura generated by performing japa is a spiritual current which if earthed will flow away. So, one should never roam around on bare foot. Wear a pair of socks or slippers made of plastic or rubber. During japa or meditation, always lay down a warm blanket below yourself or you may even use a plastic sheet. The basic idea is to use an asana which is a bad conductor of electricity.

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- Pujya Bapuji  Surat 27th Dec' 2012

Tuesday, January 1, 2013

बहुत समस्या रहती हो तो –

जिनको कोई तकलीफ रहती है, कर्जा है, काम धंधा नहीं चलता, नौकरी नहीं मिलती तो

सोमवार का दिन हो ना सुबह बेलपत्र, पानी और दूध | पहले दूध और पानी शिवलिंग पर चढ़ा दो फिर बेलपत्र रख दो |
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधं | त्रिजन्म पापसंहारम् एकबिल्वं शिवार्पणं ||

पाँच बत्ती वाला दीपक जलाकर रख दो और बैठकर थोडा अपना गुरुमंत्र जपो | तो जप भी हो जायेगा, जप का जप, पूजा की पूजा, काम का काम |
मंगलवार को २ मिनट लगेंगे अगर गन्ने का रस मिल जाय थोडा सा या घर पर निकाल सकते है | वो थोडा रस शिवलिंग पर चढ़ा दिया |
मृत्‍युंजय महादेव त्राहिमाम् शरणागतमं | जन्म मृत्यु जराव्याधि पीड़ितं कर्मबंधनेहि  ||

बुधवार को थोडा जप कर लिया जल आदि चढ़ा दिया, नारियल रख दिया अगर हो तो नहीं तो कोई जरुरत नहीं है | जिनको ज्यादा तकलीफे है उनके लिए है और जिनको न हो तो हरि ॐ तत् सत् बाकी सब गपसप |

Facing innumerable problems

This solution is for all those who are facing problems in work-business, burdened by loans or facing unemployment.

On Mondays, firstly offer milk and water on Shivlinga in the morning. Then also place a few Bel Leaves on the linga. Recite this mantra.

AUM TRIDALAM TRIGUNAKAARMANTRAM TRIMITRAM CHAITRAADYDHYAM |
TRI JANM PAPAM SANGHARAM EK BILWA SHIVAPARNAM ||


Light a five sided lamp and do some japa for a while. Then, you will not only receive the benefits of japa and puja, but also help alleviate troubles in daily life.


On Tuesdays, extract a little sugarcane juice at home if possible, then offer this on Shivlinga. Recite this mantra.

MRITYUNJAYA MAHADEVA TRAHIMAAM SHARANAAMGATAM |
JANM MRITYU JARAVYAADHI PIDHITAM KARMBANDHANAM ||

On Wednesdays, you can offer a little water or place a coconut there. If you cannot, do not worry, If you have too much troubles in life, then just realize :

HARI AUM TAT SAT, AUR SAB GAPSHAP |
Hari AUM is the ultimate truth, rest are all musings.

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- Shri Sureshanandji Vadodara 27th Nov' 2012

स्वप्न दोष - प्रदर दोष हो तो -

स्वप्नदोष और प्रदर दोष की बीमारी जिनको रहती है, दवाओं से नहीं मिटती | दवा में दम नहीं बीमारी मिटाने का .....जब तक आदमी अंतिष्ट ठीक नहीं होता तब तक ये बीमारी रहेगी | और अंतिष्ट ठीक न हो तो शुक्र गायत्री  भी बोल सकते है |


ॐ भृगुजाताय विद्महे, दिव्य देहाय धीमहि, तन्नो शुक्र प्रचोदयात् |

ॐ शुक्राय नम: |  ॐ शुक्राय नम:
|


घर में रात को छत पर चले गये २ - ३ मिनट के लिए अब शुक्र का तारा कौनसा है सबको पता नहीं होगा ना तो सामूहिक रूप से जो कोई शुक्र का तारा है उसको मेरा प्रणाम है | मैं शुक्रवान बनू, वीर्यवान बनू, मेरे में ये तकलीफ न रहे |
ॐ भृगुजाताय विद्महे , दिव्य देहाय धीमहि, तन्नो शुक्र प्रचोदयात् | ॐ शुक्राय नम: ॐ शुक्राय नम:
वो व्यक्ति शुक्रवान होगा |

और रात को सोये तो ऐसे सोये कि मैं मेरे मालिक के गोद में सिर रख के सो रहा हूँ | अपने चारों तरफ घेरा बना दो राम नाम का, मेरे चारों तरफ घेरा है राम नाम का फालतू विचार या विकार को मेरे पास आने की ताकत नहीं है |

Troubled with nightfalls or night discharges

Ailment of nightfalls or night discharges cannot be cured by medicines. Medicines do not have the capacity to cure such ailments... until one develops an internal resolve to overcome such diseases. If troubled internally by such desires, one can also recite Shukra Gayatri.

AUM BHRIGUJATAYA VIDMAHE, DIVYA DEHAAYA DHIMAHI, TANNO SHUKRA PRACHODAYAAT |
AUM SHUKRAYA NAMAH | AUM SHUKRAYA NAMAH |


During night time, go to the roof of your home, even if you cannot locate the Venus, then you can offer a communal prayer to all stars and directing your prayers to Venus star. May I be Shukrawaan, may I develop strength and virility, may I no longer have this trouble any more.

AUM BHRIGUJATAYA VIDMAHE, DIVYA DEHAAYA DHIMAHI, TANNO SHUKRA PRACHODAYAAT |
AUM SHUKRAYA NAMAH | AUM SHUKRAYA NAMAH |


Then, virility will develop in such person.

Then while going to sleep one should fall asleep as if one is lying down in the lap of one's master. I have a powerful protective ring of Lord Rama around me and no impure or useless thoughts can ever misguide me.

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- Shri Sureshanandji Vadodara 25th Nov' 2012

बृहस्पति वक्री हो तो –

कोई बोले आप पर बृहस्पति वक्री चल रहा है तो दूध में थोडी सी हल्दी मिलाकर शिवलिंग पर वो दूध चढ़ाने से बृहस्पति की शांति होती है |

Devious time of Brihaspati (Jupiter) :-

If you are advised by someone that you are experiencing the ill effects of Jupiter, then offering milk with a little turmeric powder on Shivlinga brings relief and peace on account of Jupiter.


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- Shri Sureshanandji Vadodara 25th Nov' 2012

शिवलिंग के दर्शन हेतु –

शिवलिंग पर दूध, जल चढाने जाना हो तो हमेशा सुबह खाली पेट जाना चाहिए | जो जाते हो वो इस बात का ध्यान रखे | चाय – नाश्ता न करके जाए |

When going for a darshan of Shivling

If you are planning to visit Shivling to offer oblations of milk or water, then you should always do it on an empty stomach in the morning. All who do this regularly, must keep this in mind. Never take tea or breakfast before it.

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- Shri Sureshanandji Vadodara 25th Nov' 2012

स्वास्तिक लगाने से –

घर के दीवार पर स्वास्तिक का चित्र लगाने से आते-जाते उसका दर्शन होता है तो घर में सुख-शांति और बरक्कत रहती है |

Benefits of Swastik

Affixing a sticker of Swastik sign on the walls of your home will allow the benefit of its darshan every now and then. This will improve peace, happiness and prosperity at home.


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- Pujya Bapuji Rajokari 20th Dec' 2012

किसी भी समस्या से जूझने की ताकत पाने :-

आधा घंटा ज्ञान मुद्रा में बैठ कर ओमकार का गुंजन करे तो एक हफ्ते में संसार के कामकाज से जूझने की सुयोग्यता आ जायेगी | और रोज आधा घंटा करे तो कहना ही क्या !! ऐसे तो २ घंटे संसारी को रोज ध्यान करना चाहिए | साधक को ४ घंटे | २ घंटे नहीं तो आधा घंटा तो जरुर नियम से करे | कोई समस्या आयेगी ही नहीं | आएगी तो टिकेगी नहीं | चाहे कचरा हो.. आपके यहाँ खाद बनकर बगीचा सुंदर करके जायेगा |

Strength to overcome any problem in life

Sit with Jyaan Mudra for half an hour and recite the sound of AUM then you shall gain the positive strength to overcome the pangs of daily troubles in life for a week. And kudos to one who can do it daily for half an hour! Ideally, one should sit for meditation for 2 hours everyday and 4 hours for sadhaks. If not, one should at-least make a resolve for half an hour daily. Thereafter, no problem can ever appear in your life. Even if they do, it will disappear in a blink.


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- Pujya Bapuji Surat 26th Dec' 2012